मंगलवार, 21 अगस्त 2012 | By: हिमांशु पन्त

दिल से निकले कुछ हाइकु।

तुमको ढूंढा,

हर किसी जगह,

मिले मुझ में.


मिला तुमसे,

तो लगा कुछ ऐसा,

की हो अपने.


एहसास है,

या की कोई सपना,

तेरा ये साथ.


डूब न जाऊं,

इस समंदर में,

उफ़ ये नैना.


हर पल है,

तेरे संग ये मन,

रहूँ या नहीं.

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