रविवार, 22 अप्रैल 2012 | By: हिमांशु पन्त

कृपया इस पोस्ट को न पढ़ें

कृपया इस पोस्ट को न पढ़ें क्यूंकि .......................................................................................................................................................................................................................................................................................................................
ये लिखने के बावजूद भी शायद काफी लोग इसे पढने की कोशिश करेंगे, क्या करें गलती आपकी नहीं मानव स्वाभाव की है, जहाँ से दूर रहने को कहो वहीँ ऊँगली करने में मजा आती है. खैर बुरा न मानें मजाक कर रहा हूँ ये पोस्ट सिर्फ और सिर्फ शुद्ध रूप से कुछ जांचने की वजह से की गयी है... तकलीफ के लिए क्षमा हालाकि मुझे क्षमा मांगनी नहीं चाहिए... :)

3 comments:

Dr. Ayaz Ahmad ने कहा…

ब्लाग संसार का सच बयान किया है आपने .

राजन ने कहा…

मुझे तो लगा कोई सनसनीखेज खुलासा होने वाला है|

संजय @ मो सम कौन ? ने कहा…

हमें गिनती में शामिल ना किया जाए क्यूंकि हम कुछ पढने या उंगली करने नहीं बल्कि अपनी सोच को कन्फर्म करने ही आये थे कि ऐसा ही कुछ लिखा मिलेगा| तो हमारी सोच एक और जगह कन्फर्म हुई इसलिए धन्यवाद देते हैं, हालांकि देना नहीं चाहिए :)

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